Monday, April 5, 2010

आरक्षण बिल पर सर्वदलीय बैठक बेनतीजा


(sansadji.com)

आखिर वही हुआ, जिसका हमने कल अंदेशा जताया था। आज वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा महिला आरक्षण बिल पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही। भाजपा ने कोटा के भीतर कोटा की मांग को पूरी तरह ठुकरा दिया। यद्यपि सरकार की ओर से अभी इस पर कोई रुख सामने नहीं आया है। सांसद सुषमा स्वराज ने बैठक के बाद तीखी प्रतिक्रिया जताई है।
अंदेशा पहले से था कि आज दिल्ली में महिला आरक्षण बिल पर वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा बुलाई सर्वदलीय सांसदों की बैठक में भी शायद ही कोई नतीजा निकले। विधेयक के मौजूदा स्वरूप को लेकर जदयू प्रमुख शरद यादव, सपाध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, तीनों ही अपने पूर्व के रुख पर कायम हैं। भाजपा ने महिला आरक्षण विधेयक में ‘कोटा के भीतर कोटा’ को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए आज कहा कि वह ऐसे किसी प्रस्ताव को समर्थन देने के लिए तैयार है जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट देने का दायित्व राजनीति दलों पर डाला जाए। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंधी विधेयक पर आम सहमति बनाने के लिए सरकार द्वारा आज बुलाई गई बैठक के बाद विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा विधेयक पर आम राय बनाने के पक्ष में है लेकिन इसके लिए वह कोटा के भीतर कोटा के पूर्णत: खिलाफ है। हालांकि, पार्टी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एम एस गिल के उस प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तैयार है जिसमें यह राजनीति दलों पर निर्भर होगा कि वे कम से कम 33 प्रतिशत टिकट महिलाओं का दें। भाजपा प्रवक्ता राम नाथ कोविंद ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक ‘बेनतीजा’ रही। पार्टी महिला आरक्षण विधेयक को अमली जामा पहनाने के लिए सरकार के आमसहमति बनाने के प्रयासों का समर्थन करती है लेकिन हम सदन में मार्शल के इस्तेमाल के खिलाफ हैं। कुछ राजनीतिक दलों की ओर से विधेयक में ‘कोटे के अंदर कोटा’ दिये जाने की मांग पर पार्टी के रूख के बारे में पूछे जाने पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से विधेयक में अल्पसंख्यकों और दलितों के लिए कोटा निर्धारित किये जाने के बारे में कोई प्रस्ताव नहीं आया है। इस विषय पर सामने आने पर विचार किया जायेगा। उधर, उल्लेखनीय है कि आज सवेरे ही लालू यादव और मुलायम सिंह यादव ने अपनी वही चिरपरिचित मंशा इस मुद्दे पर स्पष्ट कर दी थी। दोनों सांसदों ने आज कहा था कि वह सरकार द्वारा आहूत सर्वदलीय बैठक में महिला आरक्षण सम्बन्धी विधेयक के मौजूदा स्वरूप का विरोध करेंगे और मुसलमान महिलाओं तथा पिछड़े वर्गों के लिये कोटा में कोटा की मांग पर कायम रहेंगे। लोकसभा में सदन के नेता तथा वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा निचले सदन में महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने में आ रही बाधाएं दूर करने के लिये आहूत बैठक से ठीक पहले सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव तथा राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन वे ‘आरक्षण में आरक्षण’ को लेकर अपने रुख पर कायम रहेंगे। मुलायम ने कहा कि हम इस विधेयक का इसके मौजूदा स्वरूप में विरोध कर रहे हैं। हम महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ नहीं हैं। विधेयक में महिलाओं के लिये आरक्षित सीटों के रोटेशन की बात कही गई है और मुमकिन है कि लोकसभा की 543 में से 181 से ज्यादा सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ें। लालू ने कहा कि हम आरक्षण का विरोध नहीं करेंगे। हम आरक्षण में आरक्षण के अपने पुराने रुख पर ही कायम हैं। विधेयक में मुस्लिम, पिछड़े तथा दलित वर्गों की महिलाओं के लिये अलग से आरक्षण होना चाहिये।

1 comment:

Jandunia said...

अच्छी पोस्ट है।