Sunday, April 11, 2010

सुरक्षा कारणों से सोनिया नहीं जा रहीं हरिद्वार


(sansadji.com)

मीडिया में आज ऐसी खबरें आने के बाद कि.....कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आयोजकों द्वारा निमंत्रण पत्र भेजने के बावजूद आखिरी शाही स्नान के दिन 14 अप्रेल को हरिद्वार में कुंभ मेले में जाने से इनकार कर दिया है, कांग्रेस ने कुंभ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं जारी कर अपना पक्ष सार्वजनिक कर दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की दिल्ली से जारी एक विज्ञप्ति में सोनिया गांधी ने कहा है कि पवित्र कुंभ पर्व के अवसर पर हरिद्वारवासियों और सम्मानीय संत महात्माओं द्वारा मुझे हरिद्वार आने के लिए आमंत्रित किया गया, इसके लिए मैं सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। मैं स्वयं भी आना चाहती थी लेकिन यह सोचकर कि इस अवसर पर मेरे आने से किसी को असुविधा नहीं हो, मुझे अपना विचार छोड़ना पड़ा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि पवित्र कुंभ का यह पर्व हमारी परंपरा का एक ऐसा क्रम है, जिसके प्रति शताब्दि से समाज की गहन आस्था है। भारत जैसे धर्म प्राण देश में आस्था और विश्वास श्रेष्ठ मानव-मूल्यों के प्रति निष्ठा एवं समर्पण की भावना उत्पन्न करते हैं। मुझे विश्वास है कि प्राचीन ऋषियों, मुनियों और दार्शनिकों की चिंतनधारा के अनुरूप हमारा यह दृष्टिकोण समाज को निरंतर न्याय, सहिष्णुता एवं ऊंचे आदर्श की प्रेरणा देता रहेगा। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी के 14 अप्रैल को हरिद्वार न जाने की कई वजहें हैं, जिनमें एक सुरक्षा संबंधी कारण भी है। उसी दिन उत्तर प्रदेश में राहुल की रथयात्रा शुरू हो रही है। अगले दिन से संसद का शेष बजट सत्र शुरू हो रहा है, जिसमें विपक्ष कटौती प्रस्ताव लाने की रणनीति बना रहा है। इसी तरह की व्यस्तताओं और दबावों के चलते उन्हें हाल की अपनी पंजाब यात्रा भी रद्द करनी पड़ी थी।

1 comment:

HTF said...

हम तो कहते हैं कि इन्हें शिमला भी नहीं जाना चाहिए क्योंकि सेकुलर गिरोह ने इनके नेतृत्व में आतंकवादियों का हौसला जिस तरह से बढ़ाया है उसके परिणामस्वारूप देश का कोई बी कोना सुरक्षित नहीं कहीं माओवादी आतंकवादियों का डर तो कहीं मुसलिम आतंकवादियों का डर । बैसे भी सिमला में दोनों तरह के आतंकवादी सक्रिय हैं ।पर एक बात तो हमें समझ नहीं आती कि सेकलर गिरोह ने इनके नेतृत्व में इन आतंकवादियों के लिए इतना कुछ किया है तो फिर वो भला इन्हें क्यों मारेंगे ।हमें लगता है मुतरमा ब्यरथ में ड़ रही हैं । घबराने की कोई बात नहीं इनके पास तो इटली जाने का आपसन भी खुला है 1971 के युद्ध की तरह पर हम बारतीय कहां जायेंगकेअपना देश छोड़कर?