Friday, April 16, 2010

थरूर ने दिया लोकसभा में लिखित बयान



(sansadji.com)

कहा मेरा इस्तीफा मांगने वाले विपक्ष के आरोपों में कोई दम नहीं। आईपीएल आयुक्त ललित मोदी का व्यवहार अनैतिक है। सुनंदा के बहाने मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। सदन में विपरीत माहौल के बीच विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने आखिर अपना लिखित बयान लोकसभा में प्रस्तुत कर ही दि। थरूर का कहना है कि उनका आईपीएल कोच्चि के निवेशकों से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल नहीं किया। पूरे विवाद में सुनंदा पुष्कर का नाम उछलने से मैं आहत हूं और यह सब मेरी छवि खराब करने की साजिश है। कहा जा रहा है कि आईपीएल कोच्चि में 70 करोड़ रुपये सुनंदा पुष्कर ने लगाए हैं। आईपीएल कोच्चि से उनको कोई फायदा नहीं है, लेकिन उन्हें कोच्चि टीम पर गर्व है। आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के बारे में थरूर ने कहा है कि इस मामले में उनका व्यवहार अनैतिक है। यह पूरा विवाद इसलिए खड़ा किया जा रहा है ताकि कोच्चि टीम से फ्रेंचाइजी छीनकर किसी अन्य प्रदेश को दे दी जाए। इस पूरे मामले में केरल कंसोर्टियम में संरक्षक की मेरी भूमिका तिरूअनंतपुरम से एक सांसद के रूप में और केन्द्रीय मंत्री परिषद के सदस्य के रूप में उचित आचरण की सीमाओं के भीतर रही है। इसमें मेरे मंत्री पद का कहीं से कोई दुरूपयोग नहीं हुआ है। इस मामले का मेरे मंत्रालय से कोई लेना-देना नहीं है। मैं मंत्री के रूप में बोली के नतीजे तो दूर, उसकी प्रक्रिया तक को प्रभावित करने की हैसियत में नहीं था। मेरे इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष के आरोपों में कोई दम नहीं है। उल्लेखनीय है कि थरूर के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्ष के हंगामे के कारण पहले 12 बजे तक, फिर दो बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। उधर, मुंबई में आईपीएल आयुक्त ललित मोदी भले ही मुसीबत में नजर आ रहे हो लेकिन उनका हौसला अभी नहीं डिगा है। उन्होंने साफ कहा है मैं आईपीएल आयुक्त का पद नहीं छोड़ूंगा। आईपीएल में काला धन लगने के आरोपों के बीच आयकर विभाग ने संस्था व उसके चेयरमैन ललित मोदी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

1 comment:

zeal said...

Thurur ka surur zara gehrane dijiye...

Paani naak ke neeche hai abhi